पुलिस भर्ती परीक्षा 2025: भूगोल (भारत और विश्व) Police Recruitment Exam 2025: Geography (India & World)

सामान्य ज्ञान अनुभाग के लिए संपूर्ण पाठ्यक्रम Complete syllabus for General Knowledge section

भारत का भौतिक भूगोल Physical Geography of India

प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएं और पहाड़ियाँ Major Mountain Ranges & Hills

  • हिमालय पर्वत श्रृंखला Himalayan Mountain Range भारत की उत्तरी सीमा पर स्थित, हिमालय को तीन समानांतर श्रेणियों में बाँटा जाता है – महान हिमालय (हिमाद्रि), मध्य हिमालय (हिमाचल) और शिवालिक। यहाँ माउंट एवरेस्ट (नेपाल में), K2 (गॉडविन ऑस्टिन) और कंचनजंगा जैसी विश्व की सबसे ऊँची चोटियाँ स्थित हैं। हिमालय भारत को मध्य एशिया की ठंडी हवाओं से बचाता है और मानसून को नियंत्रित करता है।
  • पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट Western Ghats & Eastern Ghats पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) अरब सागर के समानांतर 1600 किमी तक फैला है और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। इसमें अनाईमुडी (दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी) स्थित है। पूर्वी घाट बंगाल की खाड़ी के समानांतर फैला है लेकिन यह असंतत और कम ऊँचा है। ये घाट भारत की जलवायु और वनस्पति को प्रभावित करते हैं।

नदी प्रणाली River Systems

  • सिंधु नदी प्रणाली Indus River System सिंधु नदी तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट से निकलती है और भारत से होकर पाकिस्तान में बहती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ – झेलम, चेनाब, रावी, ब्यास और सतलज हैं। सिंधु जल संधि (1960) के तहत भारत सिर्फ सतलज, ब्यास और रावी के जल का उपयोग कर सकता है।
  • गंगा नदी प्रणाली Ganga River System गंगा नदी गंगोत्री ग्लेशियर से निकलकर 2,525 किमी बहकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है। यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी और सोन इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। गंगा का मैदान विश्व के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है और यहाँ भारत की 40% से अधिक जनसंख्या निवास करती है।
विश्व भूगोल World Geography

महाद्वीप और महासागर Continents & Oceans

  • एशिया – सबसे बड़ा महाद्वीप Asia – Largest Continent विश्व के कुल भूभाग का 30% और जनसंख्या का 60% हिस्सा। इसमें हिमालय, गोबी रेगिस्तान, साइबेरिया के टुंड्रा और दक्षिण-पूर्व एशिया के उष्णकटिबंधीय वर्षावन शामिल हैं। यहाँ विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) और सबसे निचला बिंदु मृत सागर (-430 मीटर) स्थित है।
  • प्रशांत महासागर – सबसे बड़ा महासागर Pacific Ocean – Largest Ocean विश्व के जलक्षेत्र का 46% और पृथ्वी की सतह का 32% हिस्सा। मारियाना ट्रेंच (10,984 मीटर गहरा) विश्व का सबसे गहरा बिंदु है। प्रशांत रिंग ऑफ फायर में विश्व के 75% सक्रिय ज्वालामुखी स्थित हैं। यह महासागर एल नीनो और ला नीना जैसी महत्वपूर्ण जलवायु घटनाओं के लिए जिम्मेदार है।

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण Climate Change & Environment

  • ग्लोबल वार्मिंग Global Warming ग्रीनहाउस गैसों (CO2, मीथेन, CFC) के बढ़ते उत्सर्जन के कारण पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि। इसके प्रभाव – ध्रुवीय बर्फ पिघलना, समुद्र स्तर वृद्धि, मौसम चक्र में बदलाव, चरम मौसम घटनाएँ। पेरिस समझौता (2015) इससे निपटने का अंतर्राष्ट्रीय प्रयास है।
  • जैव विविधता हॉटस्पॉट Biodiversity Hotspots विश्व के 36 जैव विविधता हॉटस्पॉट में से 4 भारत में हैं – हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो-बर्मा क्षेत्र और सुंडालैंड। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ अत्यधिक विविधता पाई जाती है लेकिन ये गंभीर रूप से खतरे में हैं। इनका संरक्षण वैश्विक महत्व का है।
भारत की जलवायु और कृषि Climate & Agriculture of India

मानसून प्रणाली Monsoon System

  • दक्षिण-पश्चिम मानसून South-West Monsoon जून से सितंबर तक सक्रिय, यह भारत की 70% वार्षिक वर्षा लाता है। केरल तट पर 1 जून के आसपास आगमन, दो शाखाएँ – अरब सागर शाखा (पश्चिमी घाट पर भारी वर्षा) और बंगाल की खाड़ी शाखा (पूर्वोत्तर और गंगा के मैदान में वर्षा)। मानसून भारतीय कृषि का आधार है जिसे ‘देश का वास्तविक वित्त मंत्री’ कहा जाता है।
  • शीतकालीन वर्षा Winter Rainfall अक्टूबर से दिसंबर तक, उत्तर-पूर्वी मानसून द्वारा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के तटीय भागों में वर्षा। यह ‘मावठ’ के नाम से जानी जाती है और रबी फसलों के लिए महत्वपूर्ण है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में हल्की वर्षा/हिमपात होता है।

प्रमुख फसलें और कृषि प्रणालियाँ Major Crops & Farming Systems

  • खरीफ, रबी और जायद फसलें Kharif, Rabi & Zaid Crops खरीफ (जून-जुलाई में बोई, अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती हैं) – चावल, मक्का, बाजरा, मूंगफली। रबी (अक्टूबर-नवंबर में बोई, मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं) – गेहूँ, चना, सरसों। जायद (मार्च-जून) – तरबूज, खीरा, ककड़ी। भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा चावल और गेहूँ उत्पादक देश है।
  • हरित क्रांति और उसका प्रभाव Green Revolution & Its Impact 1960 के दशक में उच्च उपज वाले बीजों, रासायनिक उर्वरकों और सिंचाई के आधुनिक तरीकों को अपनाया गया। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सफलता मिली। अनाज उत्पादन में वृद्धि हुई लेकिन मृदा स्वास्थ्य और जल संसाधनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।